मंथन विचारांचे
सागर यादव
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Saturday, 19 August 2017
ढगच ढग दाटलेले
रिमझिम रिमझिम बरसणारे
कधीही येतील थेंब टपोरे
ओले चिंब भिजवणारे
सागर
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